200 वर्षों बाद महर्षि गौतम चरण पादुका का अभिषेक, जोधपुर में भव्य स्वागत व पूजन

200 वर्षों बाद महर्षि गौतम चरण पादुका का अभिषेक, जोधपुर में भव्य स्वागत व पूजन

जोधपुर। अक्षपाद महर्षि गौतम जी महाराज की पावन चरण पादुका यात्रा त्र्यंबकेश्वर (नाशिक) से प्रारंभ होकर जोधपुर पहुँची, जहाँ समाज बंधुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। चैत्र नववर्ष एवं महर्षि गौतम जयंती के अवसर पर कुशावर्त, गोदावरी तट पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन कर यात्रा का शुभारंभ किया गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में वेदमूर्ति पं. श्री देवव्रत महेश रेखे एवं आचार्य श्री महेश चन्द्रकान्त रेखे के सान्निध्य में चरण पादुका का विधिवत अभिषेक सम्पन्न हुआ। लगभग 200 वर्षों बाद पुनः पादुका का पूजन कर उन्हें ऋषि स्वरूप में प्रतिष्ठित किया जाना विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
यात्रा मुंबई, सूरत, बड़ोदरा होते हुए 30 मार्च को जैतारण, 31 मार्च को ब्यावर, पाली और 1 अप्रैल को जोधपुर पहुँची।
गौतम मंदिर, गौतम सभा भवन जोधपुर में विशेष आयोजन जोधपुर स्थित गौतम मंदिर, गौतम सभा भवन में इस अवसर पर भावपूर्ण पूजन, पुष्प वंदन एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में माँ अहल्या शिक्षा न्यास, जोधपुर द्वारा पं. श्री राजेन्द्र महाराज (तापू) का पीताम्बर ओढ़ाकर भव्य अभिनंदन किया गया। साथ ही उन्हें वामन पुराण एवं माँ अहल्या की अयोध्या विग्रह की पवित्र तस्वीर भेंट की गई।
इस अवसर पर धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए बताया गया कि देवताओं में भगवान वामन को छत्र एवं पादुका प्राप्त होने का विशेष महत्व है, उसी प्रकार माँ अहल्या को भी भगवान सूर्य द्वारा छत्र एवं पादुका प्रदान किए जाने का उल्लेख मिलता है। यह परंपरा गुरु-शिष्य एवं सनातन आस्था की गहन आध्यात्मिक धरोहर को दर्शाती है इस आयोजन में माँ अहल्या शिक्षा न्यास के संयोजक महेन्द्र उपाध्याय, अनिल जाजड़ा, अरविन्द उपाध्याय, डॉ. रवि शर्मा, अजय राणेजा, खुशी उपाध्याय, कविता पंचारिया सहित अनेक समाज बंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।