जोधपुर। माँ अहल्या शिक्षा न्यास, जोधपुर के तत्वावधान में गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अयोध्या धाम स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में निर्मित आदिगुरु माँ अहल्या मण्डप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन एवं दर्शन किए। यात्रा का उद्देश्य भगवान श्रीराम की अनुग्रहभाजक माँ अहल्या के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी संदेश को समाज और राष्ट्र के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना रहा।
न्यास के संयोजक महेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति के महान आदर्शों को चिरस्थायी बनाने के लिए सप्त प्रेरणा मण्डपों का निर्माण किया गया है। ये मण्डप महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माँ शबरी तथा आदिगुरु माँ अहल्या को समर्पित हैं। इन मण्डपों में स्थापित विग्रहों का प्रथम पूजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।
उन्होंने कहा कि गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि विश्वविख्यात श्रीराम जन्मभूमि परिसर में माँ अहल्या को समर्पित स्वतंत्र मण्डप का निर्माण हुआ है। माँ अहल्या नारी सम्मान, तप, त्याग, धैर्य, आत्मबल, क्षमा और पुनर्जागरण की प्रेरणा हैं। उनके जीवन का संदेश आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
अयोध्या प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्व हिन्दू परिषद् के केंद्रीय मंत्री श्री गोपाल जी नगरकट्टे का अभिनंदन किया। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में आदिगुरु माँ अहल्या मण्डप के निर्माण में उनके सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के यात्री निवास में धर्म, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा भी हुई।
प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान प्रान्तीय गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा, अनिल कुमार जाजड़ा, महेन्द्र उपाध्याय, नवनीत सांखी, मांगीलाल सांखी, श्याम सुंदर शर्मा, अजय तिवाड़ी, लोकेश गील, सर्वित उपाध्याय, तारा देवी गील, जयश्री राणेजा, भगवती उपाध्याय, दिव्या सांखी, मंजू शर्मा, सावित्री, खुशी उपाध्याय, जसोदा, आशा तिवाड़ी, सरला सहित समाज के अनेक गणमान्य बंधु उपस्थित रहे।